यह तस्वीरे है अवध प्रान्त की राजधानी रही डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फ़ैज़ाबाद के परिसर के दीवारों की, जिनपर मनोहारी दृश्यों का चित्रण बगीचे में खिले मनमोहक फूलों की तरह विश्वविद्यालय को सुगंधित कर रही है । अयोध्या फ़ैज़ाबाद की अवध संस्कृति को परिलाक्षित कर रही दीवारे ऐतिहासिक सांस्कृतिक दृश्यों से परिपूर्ण हो विश्वविद्यालय कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित के भागीरथी प्रयास को दर्शा रही है ।
नवांकुरित कलाकारों के अनूठे प्रयास ने विभिन्न कॉलेजो , संस्थानों व परिसर में फाइन आर्ट्स के पाठ्यक्रम के छात्र छात्राओं ने अपने अनुभवों को एक माला में पिरो एक नया अध्याय भी लिख दिया है । दीवारों में ब्लॉक में अयोध्या फ़ैज़ाबाद की धार्मिक विरासत , संस्कृति , ऐतिहासिक धरोहरो , राम की पैड़ी के साथ साथ त्रेता युग से लेकर कलियुग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आदर्शों का चित्रण कर समाज मे एक संदेश दिया है कि कला के माध्यम से क्षीण हो रही संस्कृती को प्लास्टिक पेंट कुंची से दर्शा स्वयं में मार्गप्रशस्त कर रही है ।
विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित के प्रयास से 5 नए पाठ्यक्रमो में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स के कुशल शिक्षकों के माध्यम से छात्र छात्राओ ने परिसर की दीवारों पर श्री राम के आदर्शों के साथ धार्मिक मंदिरो पौराणिक स्थलों को चस्पा कर दिया है । प्रदेश में अपनी कला का लोहा मनवा चुकी अयोध्या की संस्था दीपा लोक कला संस्थान के कलाकारों ने सप्ताह भर कड़ी मेहनत से अयोध्या फ़ैज़ाबाद को कुंची के माध्यम से रूपायित करने का भरपूर प्रयास किया है । जिसमे साकेत महाविद्यालय ,गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज के साथ अन्य कॉलेजो के नवांकुरित कलाकारों ने अपना परिचय लोक कलाओं को रूपायित कर दिया है ।
फाइन आर्ट्स की शिक्षिका पल्लवी सोनी ने लेखक से अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि फ़ैज़ाबाद अयोध्या की संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत की बारीकियों को समझने के बाद नए पाठ्यक्रम में शिक्षा ले रहे छात्रों से परिसर की दीवारों पर प्लास्टिक पेंट से चित्रण करवाना चुनौती पूर्ण रहा साथ ही शिक्षिका रीमा सिंह ने गौरवान्वित होते हुए कहा कि नए पाठ्यक्रम में प्रवेश लिए छात्रों ने सहज मन से सकुशलता पूर्वक अपने कार्यो को निभाया और अवध की धार्मिक सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत व लोक कलाओं को परिलाक्षित किया ।
दीपा लोक कला संस्थान की संचालक दीपा सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में उनके संस्थान से आये कलाकारों ने पहली बार दीवारों पर ऐस चित्रो का चित्रांकन किया। अनुभवो की बात करे तो चुनौती से भरे कार्य में कम अनुभवो के साथ दीपा लोक कला के संस्थान के बच्चो ने बड़ी तन्मयता के साथ अपनी चुनौती को पूरा किया साथ ही नए अनुभव के साथ विश्वविद्यालय में कुलपति अवध विवि के निर्देशन में अनुभवित हुए ।
विश्वविद्यालय में 6 महीनों में कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने विश्वविद्यालय के भविष्य में कई ठोस व प्रगतिशील कदम उठाए है ऐसे में जब लेखक ने कुलपति अवध विश्वविद्यालय से परिसर की दीवारों पर अंकुरित की गई चित्रकारी पर बातचीत में बताया कि विश्वविद्यालय में सालो से टूटी जर्जर दीवारों पर एक प्रयोग किया गया । विश्वविद्यालय समाज सापेक्ष हो सके इसका भी पूरा ध्यान रखा गया। फ़ैज़ाबाद अयोध्या के प्रमुख स्थलों को 300 ब्लॉकों के 70 ब्लॉकों में दर्शाया गया है जिसने समाज मे यह भी संदेश दिया कि विश्वविद्यालय समाज का एक अभिन्न अंग है ।
अभिषेक सावन्त श्रीवास्तव
मेरे द्वारा बनाई गई डॉक्यूमेंट्री भी लिंक पर क्लिक करके यहाँ से देख सकते है







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